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Iyam Dhammalipi – इयं धम्म लिपि

Author Dr. Anirban Dash is an expert of ancient Indian scripts. In this book author proposed his point of view by naming the script as Dhammalipi on the basis of the word Dhammalipi found to be used by the King Ashoka himself in his several inscriptions.
This book covers photographs, its Devnagari transliteration and Hindi translation of all the inscriptions of Ashoka in Bramhi script. This book is very helpful in learning Bramhi script.

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Description

इस पुस्तक के आरम्भ में भारतीय लिपि की ऐतिहासिक पृष्ठभूमी दी गई है | अशोक-कालीन ब्राम्ही लिपि की विस्तृत चर्चा की है | सम्राट अशोक के अभि लेखों को क्यों धम्मलिपि कही जाती है, वह स्वतः सिद्ध हो जाता है | तिसरे प्रकरण मे, धम्मलिपि की वर्णमाला का परिचय दिया है | जिसमे क्रमशः स्वरवर्ण, अनुस्वार का अंकन ई. परिचय दिया गया है | अन्तमे अशोक के अभिलेखों के प्रकार, भाषा, तथा चित्र भी दिये गये है | इन अभिलेखों का चित्र, देवनागरी लिप्यंतर ओर हिन्दी अनुवाद प्रस्तुत किया है |

Additional information

Weight 380 g
Dimensions 17.5 × 1 × 24 cm
Book Author

First Edition

2016

Current Edition

2017

Format

Paperback

Language

Hindi

Pages

157